Ashoka Buildcon Share इन दिनों बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि कंपनी को लगातार बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स मिल रहे हैं, जो इसके भविष्य के राजस्व और प्रॉफिट ग्रोथ को मजबूत संकेत दे रहे हैं। हाल ही में कंपनी को मुंबई नगर निगम से मीठी नदी विकास परियोजना का काम मिला है, जिसकी कुल लागत 1815 करोड़ रुपये से अधिक है। स्मॉलकैप श्रेणी में शामिल Ashoka Buildcon के लिए यह एक बड़ा अवसर माना जा रहा है, क्योंकि इस प्रोजेक्ट में कंपनी की 26 फीसदी हिस्सेदारी शामिल है और यह अगले कई सालों तक कंपनी की वित्तीय मजबूती को सपोर्ट करेगा। इस बड़ी डील की वजह से Ashoka Buildcon Share को बाजार में नया पॉजिटिव सेंटिमेंट मिल रहा है।
मीठी नदी प्रोजेक्ट को कंपनी ने Adani Road Transport और Aakshaya Infra के साथ संयुक्त रूप से हासिल किया है। इस कॉन्ट्रैक्ट के लिए कंपनी को मुंबई मनपा की ओर से स्वीकृति पत्र भी मिल चुका है, जो यह दिखाता है कि प्रोजेक्ट अब कार्यान्वयन चरण में प्रवेश करने वाला है। इस संयुक्त उद्यम में Adani Road Transport की हिस्सेदारी 51 फीसदी है, जबकि Ashoka Buildcon की 26 फीसदी हिस्सेदारी इसे एक बड़े वॉल्यूम वाले प्रोजेक्ट से सीधे जोड़ती है। परियोजना डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव के मॉडल पर आधारित है, जिसका मतलब है कि कंपनी को लंबे समय तक स्थिर आय मिलती रहेगी। दस वर्षों के रखरखाव के अनुबंध से कंपनी के कैश फ्लो पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जो Ashoka Buildcon Share के निवेशकों के लिए एक स्थिरता का संकेत देता है।
Ashoka Buildcon का व्यवसाय पिछले कई वर्षों से भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में मजबूती से बढ़ रहा है। कंपनी सड़क, पुल और फ्लाईओवर निर्माण में विशेषज्ञता रखती है और बिल्ड, ऑपरेट और ट्रांसफर मॉडल पर लंबे समय से सफलतापूर्वक काम कर रही है। इस मॉडल में कंपनी न केवल प्रोजेक्ट बनाती है बल्कि उसे कई वर्षों तक संचालित भी करती है। सरकार को बाद में प्रोजेक्ट सौंप दिए जाने तक कंपनी को ऑपरेशन और मैनेजमेंट से नियमित आय प्राप्त होती है। यही मॉडल Ashoka Buildcon Share की वैल्यूएशन को बेहतर बनाता है क्योंकि यह अस्थिरता को कम करता है और कंपनी को दीर्घकालिक कैश स्टेबिलिटी प्रदान करता है।
हाल ही में कंपनी को सायन-पनवेल हाईवे पर फ्लाईओवर निर्माण से जुड़े अतिरिक्त कार्य का ऑर्डर मिला, जिसकी कीमत 447 करोड़ रुपये है। इस प्रोजेक्ट की लागत पहले 1126 करोड़ रुपये थी, लेकिन नए कार्य के बाद यह लागत बढ़कर 1573 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसका मतलब है कि कंपनी का order book मजबूत बना हुआ है और आने वाले वर्षों में राजस्व में स्थिर वृद्धि की संभावना है। बड़े शहरी प्रोजेक्ट्स में लगातार भागीदारी मिलने से Ashoka Buildcon Share के प्रति निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।
निवेशकों की बात करें तो विदेशी संस्थागत निवेशक भी अब कंपनी में अपना विश्वास बढ़ा रहे हैं। सितंबर 2025 तिमाही में Ashoka Buildcon में FIIs की हिस्सेदारी बढ़कर 7.45 फीसदी हो गई है, जबकि यह जून 2025 में 7.29 फीसदी थी। इससे स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को कंपनी के बिजनेस मॉडल, प्रोजेक्ट पाइपलाइन और मैनेजमेंट पर भरोसा बढ़ रहा है। आमतौर पर FII निवेश उन कंपनियों में बढ़ता है जो वित्तीय रूप से मजबूत होती हैं और जिनका भविष्य उज्ज्वल दिखाई देता है। इसलिए FIIs की तरफ से बढ़ता निवेश Ashoka Buildcon Share के लिए एक मजबूत सकारात्मक संकेत है।
शेयर बाजार में Ashoka Buildcon Share फिलहाल लगभग 164 रुपये के पास ट्रेड कर रहा है और खबरों के अनुसार मीठी नदी प्रोजेक्ट की घोषणा बाजार बंद होने के बाद सामने आई थी। इसलिए विश्लेषकों का मानना है कि अगले कारोबारी सत्र में शेयर में सकारात्मक मूवमेंट देखने को मिल सकता है। स्मॉलकैप कंपनियों में तेजी का दौर चल रहा है और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़े निवेशों की घोषणा लगातार की जा रही है, जिससे यह शेयर आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
कंपनी के पास वर्तमान समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स की एक मजबूत पाइपलाइन मौजूद है, जो अगले 3 से 5 साल में पूरा होने वाले हैं। भारत सरकार भी सड़क और शहरी विकास परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है, जिससे निर्माण कंपनियों को लगातार काम मिल रहा है। इस स्थिति का फायदा Ashoka Buildcon जैसे अनुभवी और वित्तीय रूप से सक्षम कंपनियों को मिलता है। कंपनी के बढ़ते प्रोजेक्ट्स और मजबूत order book यह संकेत देते हैं कि Ashoka Buildcon Share आने वाले समय में लंबी अवधि के निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे सकता है।
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समग्र रूप से देखें तो Ashoka Buildcon Share में तेजी का आधार सिर्फ एक या दो प्रोजेक्ट नहीं हैं, बल्कि कंपनी का मजबूत execution record, लगातार बढ़ता order book, सरकार से मिल रहे बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स, और FIIs की बढ़ती रुचि इस शेयर की असली ताकत है। स्मॉलकैप श्रेणी की यह कंपनी आने वाले वर्षों में मिडकैप में बदलने की क्षमता दिखा रही है, क्योंकि इसकी वित्तीय स्थिति, प्रोजेक्ट्स में मजबूती और प्रबंधन की कार्यकुशलता इसे इस दिशा में आगे बढ़ा रही है। निवेशक यदि लंबी अवधि का नजरिया रखते हैं तो Ashoka Buildcon Share उनके पोर्टफोलियो में एक मजबूत और स्थिर विकल्प साबित हो सकता है।