₹5,233 करोड़ की 29 नई सड़क परियोजनाओं की सौगात: आंध्र प्रदेश में बदलेगी कनेक्टिविटी की तस्वीर!
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को मंगलागिरी में ₹5,233 करोड़ से अधिक लागत की 29 नेशनल हाईवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं राज्य में 272 किलोमीटर लंबी सड़क नेटवर्क को कवर करेंगी और आंध्र प्रदेश की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन कनेक्टिविटी को एक नई दिशा देंगी।
मोदी सरकार की विकास प्राथमिकता का हिस्सा
गडकरी ने कहा कि यह विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में अंतिम मील तक कनेक्टिविटी, रेलवे क्रॉसिंग हटाना, शहरी इलाकों में ट्रैफिक कम करना, और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने जैसे प्रमुख लक्ष्य शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से तिरुपति, नेल्लोर और रायचोटी जैसे शहरों में भीड़ कम होगी और आंध्र प्रदेश को भारत के विकास मानचित्र पर आगे लाया जाएगा।
हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर से लॉजिस्टिक्स में क्रांति
गडकरी ने कहा कि भारत में लॉजिस्टिक्स लागत 2014 में 16% थी, जो अब घटकर 10% हो गई है। सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2025 तक इसे 9% तक लाना है। इसका सीधा फायदा निर्यात में वृद्धि, नौकरी के अवसर, और मूल्यवर्धन में सुधार के रूप में होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि NHAI के तहत आंध्र प्रदेश में नेशनल हाईवे की लंबाई 2014 में 4,000 किमी से बढ़कर 2025 में 8,700 किमी हो गई है, जो केंद्र सरकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास मॉडल को दर्शाती है।
प्रमुख परियोजनाओं का विवरण
मदनपल्ली से पिलेरू (NH-71)
-
लंबाई: 56 किमी
-
लागत: ₹1,994 करोड़
-
विशेषताएँ: 9 फ्लाईओवर, 1 रेल ओवरब्रिज, 19 बड़े पुल, 5 वाहन अंडरपास, 10 लोकल अंडरपास
-
इस सेक्शन को मॉडर्न 4-लेन कॉरिडोर में बदल दिया गया है।
कुर्नूल से मंडलेम (NH-340C)
-
लंबाई: 31 किमी
-
लागत: ₹858 करोड़
-
विशेषताएँ: 1 फ्लाईओवर, 4 वायाडक्ट्स, 3 लोकल अंडरपास, 1 छोटा अंडरपास
-
यह भी अब 4-लेन सड़क बन चुकी है, जो भारी ट्रैफिक को सुगम बनाएगी।
27 नई परियोजनाओं का शिलान्यास
सिर्फ उद्घाटन ही नहीं, बल्कि 27 अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया। ये परियोजनाएं राज्य के भीतर कनेक्टिविटी को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखती हैं।
इनमें शामिल हैं:
-
धार्मिक स्थलों से सीधा जुड़ाव:
-
तिरुपति
-
श्रीसैलम
-
कादिरी
-
-
पर्यटन स्थलों की बेहतर पहुँच:
-
हॉर्सली हिल्स
-
वोडारेवु बीच
-
-
आर्थिक हब्स तक फास्ट ट्रैक कनेक्टिविटी:
-
श्री सिटी
-
कृष्णापट्टनम पोर्ट
-
तिरुपति एयरपोर्ट
-
क्या होगा इन परियोजनाओं से फायदा?
- ग्रामीण क्षेत्रों में आसान और तेज़ ट्रांसपोर्टेशन
- दुर्घटनाओं में कमी, सुरक्षित सड़कें
- शहरी इलाकों में ट्रैफिक जाम में राहत
- टूरिज्म और धार्मिक यात्राओं के लिए आसान रास्ता
- रोज़गार और व्यापार के नए मौके
कौन-कौन रहे शामिल?
इस मौके पर कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद थे:
-
केंद्रीय मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू
-
केंद्रीय मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी
-
उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण
-
विधायक, सांसद और वरिष्ठ प्रशासक अधिकारी
यह कार्यक्रम यह दिखाता है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर किस तरह इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने का काम कर रही हैं।
भविष्य की योजनाएं और दिशा
गडकरी ने कहा कि आने वाले वर्षों में आंध्र प्रदेश में और भी अधिक एक्सप्रेसवे, बाईपास, और इकोनॉमिक कॉरिडोर्स तैयार किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य सिर्फ सड़कें बनाना नहीं, बल्कि समग्र विकास करना है – जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, और रोज़गार सब कुछ जुड़ा है।