उड़द की दाल भारतीय रसोई में बहुत ही पॉपुलर है। चाहे दाल मखनी हो, इडली हो या डोसा, उड़द की दाल का इस्तेमाल कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बनाने में होता है।
यह प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उड़द की दाल हर किसी के लिए सही नहीं है? आयुर्वेद के अनुसार कुछ लोगों को उड़द की दाल से बचना चाहिए क्योंकि यह पचने में भारी होती है और शरीर में कई समस्याएं बढ़ा सकती है।
आज हम आपको बताएंगे उड़द की दाल के फायदे, नुकसान और किन लोगों को इसे खाने से बचना चाहिए। साथ ही जानेंगे कि इसका बेहतर विकल्प कौन-सी दाल हो सकती है।
उड़द की दाल के फायदे
- प्रोटीन का अच्छा स्रोत – उड़द दाल बॉडी को प्रोटीन देती है जिससे मसल्स और टिश्यू मजबूत बनते हैं।
- एनर्जी बूस्टर – इसमें आयरन और मैग्नीशियम पाया जाता है जो शरीर को एनर्जी देता है और थकान दूर करता है।
- हड्डियों के लिए फायदेमंद – उड़द की दाल में कैल्शियम और फॉस्फोरस होता है जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
- स्किन और हेयर हेल्थ – नियमित सेवन से स्किन ग्लो करती है और हेयर फॉल की समस्या में भी राहत मिल सकती है।
किन लोगों को उड़द की दाल नहीं खानी चाहिए
आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रताप चौहान के अनुसार उड़द दाल हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे अवॉइड करना चाहिए।
- कमजोर पाचन वाले लोग
उड़द की दाल पचने में हेवी होती है। जिनका डाइजेशन कमजोर है, जिनको बार-बार गैस, कब्ज या एसिडिटी रहती है, उन्हें उड़द की दाल से बचना चाहिए। - जोड़ों के दर्द वाले मरीज
वात संबंधी रोग जैसे आर्थराइटिस, जोड़ों का दर्द या सूजन वाले लोगों को उड़द की दाल से परेशानी बढ़ सकती है। - यूरिक एसिड के मरीज
जिनका यूरिक एसिड लेवल पहले से हाई है, उनके लिए उड़द की दाल नुकसानदायक हो सकती है क्योंकि यह यूरिक एसिड को और बढ़ा सकती है। - किडनी स्टोन वाले लोग
किडनी में स्टोन की समस्या हो तो उड़द की दाल खाना सही नहीं है, क्योंकि इससे स्टोन की समस्या बढ़ सकती है। - बार-बार मोशन या पेट साफ न होना
जिनको सुबह मोशन क्लियर नहीं होता, बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है या पेट में मरोड़ होती है, ऐसे लोग उड़द की दाल खाने से और ज्यादा दिक्कत महसूस कर सकते हैं।
उड़द की दाल का बेहतर विकल्प
आयुर्वेद में मूंग दाल को सबसे अच्छी दाल माना गया है।
- यह हल्की और आसानी से पचने वाली होती है।
- मूंग दाल गैस या कब्ज की समस्या नहीं बढ़ाती।
- इसे डाइजेशन कमजोर होने पर भी खाया जा सकता है।
- इसमें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन्स की अच्छी मात्रा होती है।
इसलिए अगर आपको ऊपर बताई गई समस्याएं हैं तो उड़द दाल की जगह मूंग दाल का सेवन करना बेहतर रहेगा।
उड़द दाल खाने के सही तरीके
- उड़द दाल को हमेशा अच्छे से धोकर ही पकाएं।
- इसे ज्यादा तेल और मसाले में न बनाएं, वरना यह और भारी हो जाएगी।
- दाल बनाते समय अदरक, जीरा और हींग डालने से यह आसानी से पच जाती है।
- अगर पहली बार ट्राई कर रहे हैं तो कम मात्रा में खाएं और फिर धीरे-धीरे बढ़ाएं।
निष्कर्ष
उड़द की दाल पोषक तत्वों से भरपूर है, लेकिन सभी लोगों के लिए फायदेमंद नहीं है। कमजोर पाचन, जोड़ो का दर्द, यूरिक एसिड और किडनी स्टोन वाले लोगों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए। इनके लिए मूंग दाल एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प है।
स्वास्थ्य के लिए हमेशा संतुलित आहार चुनें और दालों का सेवन अपनी बॉडी की जरूरत और पाचन क्षमता के अनुसार करें।