राधा अष्टमी 2025: जानें पूजा का सबसे शुभ समय और व्रत पारण का आसान तरीका—मिलेगा दोगुना फल


राधा अष्टमी 2025: पूजा का मुहूर्त, व्रत कब खोलें और पारण कैसे करें

1. राधा अष्टमी का महत्व

राधा अष्टमी राधा रानी को समर्पित एक पवित्र पर्व है। यह हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण व राधा रानी की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।

2. राधा अष्टमी 2025 की तिथि और समय

  • इस वर्ष राधा अष्टमी 31 अगस्त 2025 (रविवार) को मनाई जाएगी ।
  • अष्टमी तिथि प्रारंभ: 30 अगस्त 2025, रात 10:46 बजे से
    समाप्त: 1 सितम्बर 2025, 12:57 AM तक ।
  • मध्याह्न पूजा का शुभ मुहूर्त:
    • Drik Panchang के अनुसार — 11:05 AM से 01:38 PM (2 घंटे 33 मिनट) ।
    • India Today के अनुसार — यही समय 11:05 AM से 01:38 PM तक शुभ माना गया है ।

3. व्रत कब खोलें

संध्याकाल में राधा रानी की पूजा व भोग अर्पित करने के बाद व्रत खोला जा सकता है। लेकिन सबसे बेहतर और शुभ माना जाता है कि व्रत का पारण अगली सुबह किया जाए।

4. व्रत पारण विधि (सुबह):

  • देर से उठ कर स्नान करें और सूर्य देव को जल अर्पित करें।
  • उसके बाद श्रद्धा पूर्वक राधा रानी व श्रीकृष्ण की पूजा करें।
  • इसके बाद गरीबों को अन्न, वस्त्र, और धन का दान करें।
  • अंत में सात्विक भोजन ग्रहण करें—यह माना जाता है कि इससे राधा रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

5. निष्कर्ष

राधा अष्टमी 2025 केवल एक व्रत नहीं, बल्कि भक्तिभाव और आस्था का उत्सव है। यदि आप इसी दिन सही मुहूर्त में पूजा करते हैं और व्रत का पारण विधिपूर्वक करते हैं, तो जीवन में सुख-शांति व समृद्धि के योग बनते हैं।


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