Nothing Phone (3) कैमरा सैंपल विवाद: स्टॉक फोटो को असली बताकर कंपनी पर उठे सवाल


Nothing Phone (3) कैमरा सैंपल विवाद: स्टॉक फोटो को दिखाया गया असली तस्वीरों की तरह

स्मार्टफोन ब्रांड Nothing इन दिनों विवादों में है। वजह है इसके नए Phone (3) के प्रमोशन में दिखाई गई तस्वीरें, जिन्हें कंपनी ने यह जताते हुए पेश किया कि ये फोन के कैमरे से ली गई हैं।


विवाद कैसे शुरू हुआ?

Nothing ने अपने प्रमोशन में हैशटैग #WithNothing का इस्तेमाल किया और लिखा: “Here’s what our community has captured with the Phone (3).” यानी साफ संदेश दिया गया कि ये तस्वीरें समुदाय द्वारा फोन के कैमरे से ली गई हैं।

लेकिन हकीकत कुछ और है। एक फोटोग्राफर ने Android Authority से संपर्क कर बताया कि ये सभी तस्वीरें असल में Stills नामक स्टॉक फोटो मार्केटप्लेस पर उपलब्ध हैं। इनमें खिड़की, कांच, कार की हेडलाइट, सीढ़ियां और एक महिला की तस्वीर शामिल हैं।


फोटोग्राफर्स का खुलासा

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फोटोग्राफर Roman Fox, जिनकी कार की हेडलाइट वाली फोटो Nothing ने इस्तेमाल की, ने बताया कि उन्होंने यह तस्वीर Fujifilm XH2s कैमरे से 2023 में पेरिस में खींची थी — यानी Phone (3) के लॉन्च से काफी पहले। यही फोटो उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी पिछले साल से मौजूद है।

अन्य फोटोग्राफर्स ने भी पुष्टि की कि उनकी तस्वीरें Nothing ने Stills से लाइसेंस के तहत खरीदीं। कानूनी तौर पर यह सही है, लेकिन मार्केटिंग इस तरह की गई कि उपभोक्ता इन्हें Phone (3) के कैमरा सैंपल मान लें।


कंपनी का जवाब

जब इस बारे में Nothing से सवाल किया गया तो कंपनी ने इन आरोपों से इनकार नहीं किया। उसने केवल आगे की योजनाओं पर बात की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि स्टॉक तस्वीरों को कैमरा सैंपल के रूप में क्यों दिखाया गया।


उपभोक्ताओं की चिंता क्यों बढ़ी?

आज के दौर में स्मार्टफोन कैमरे बेहतरीन तस्वीरें खींचने में सक्षम हैं। Phone (3) के कैमरे की खूबियों की समीक्षाओं में भी तारीफ हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कंपनी ने अपनी साख दांव पर लगाकर स्टॉक फोटो का सहारा क्यों लिया?

यह मामला नया नहीं है। इससे पहले भी कई स्मार्टफोन कंपनियां नकली कैमरा सैंपल दिखाने को लेकर विवादों में रही हैं।


निष्कर्ष

कानूनी तौर पर Nothing ने तस्वीरों का इस्तेमाल सही तरीके से किया, लेकिन जिस तरह से उन्हें पेश किया गया, उसने उपभोक्ताओं को गुमराह करने का काम किया।

ऐसे में कंपनी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। टेक्नोलॉजी मार्केट में भरोसा सबसे अहम है, और पारदर्शिता ही ग्राहकों का विश्वास बनाए रख सकती है।


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