Divya Peedantak Vati: Joint pain or muscle pain के लिए असरदार आयुर्वेदिक दवा
परिचय
आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जॉइंट पेन (Joint Pain) और मसल पेन (Muscle Pain) आम समस्या बन चुकी है। तीन में से लगभग एक व्यक्ति इन तकलीफों से परेशान रहता है।
ज्यादातर लोग तुरंत राहत पाने के लिए एलोपैथिक पेन किलर (Pain Killer) का सहारा लेते हैं। लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स लंबे समय में शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक दवाइयां एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प बन जाती हैं।
इन्हीं में से एक है दिव्या पीड़ांतक वटी (Divya Peedantak Vati), जो पतंजलि आयुर्वेद द्वारा बनाई गई है। यह दवा खासतौर पर हड्डियों, मसल्स और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए जानी जाती है।
दिव्या पीड़ांतक वटी क्या है?
पीड़ांतक का मतलब होता है “पीड़ा का अंत करने वाली दवा”। यह टैबलेट्स पूरी तरह से हर्बल इंग्रीडिएंट्स से बनाई गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य है – शरीर के दर्द को जड़ से खत्म करना और हड्डियों को मजबूत बनाना।
दिव्या पीड़ांतक वटी के इंग्रीडिएंट्स
इन टैबलेट्स में कई तरह की जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया गया है, जो दर्द और सूजन को कम करने में मदद करती हैं। इसके मुख्य इंग्रीडिएंट्स हैं –
- गुग्गुल शुद्ध
- अश्वगंधा
- शिलाजीत
- सौंठ
- हल्दी
- शतावरी
- मेथी
- योगराज गुग्गुल
- अजवाइन
- नागरमोथा
ये सभी इंग्रीडिएंट्स हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूती देने और दर्द को प्राकृतिक तरीके से खत्म करने के लिए जाने जाते हैं।
दिव्या पीड़ांतक वटी के फायदे
- जॉइंट पेन से राहत
- घुटनों, कमर, कंधे और अन्य जोड़ों के दर्द में यह दवा बेहद फायदेमंद है।
- उम्र बढ़ने पर होने वाले ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं में भी मददगार है।
- लगातार 15–20 दिन सेवन करने पर राहत महसूस की जा सकती है।
- मसल पेन से छुटकारा
- ज्यादा काम करने, गलत पोस्टर (Posture) में बैठने या खड़े रहने से मसल्स में दर्द हो जाता है।
- पीड़ांतक वटी ऐसे मसल पेन को धीरे-धीरे खत्म करती है और मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाती है।
- सूजन और इंफ्लेमेशन कम करना
- हल्दी और सौंठ जैसे इंग्रीडिएंट्स में एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं।
- यह दवा शरीर की सूजन को कम करती है और मूवमेंट को आसान बनाती है।
- हड्डियों को मजबूती देना
- अश्वगंधा, शिलाजीत और शतावरी जैसी जड़ी-बूटियां हड्डियों और जोड़ों को मजबूती देती हैं।
- कैल्शियम की कमी से होने वाली समस्याओं को कम करने में भी मददगार है।
- अन्य लाभ
- लंबे समय से चल रहे दर्द (Chronic Pain) में भी असरदार है।
- वात रोग (Arthritis) और मांसपेशियों की कमजोरी जैसी समस्याओं में राहत देती है।
दिव्या पीड़ांतक वटी कैसे इस्तेमाल करें?
- रोजाना दो टैबलेट्स लेने की सलाह दी जाती है।
- एक सुबह और एक शाम, गुनगुने पानी या दूध के साथ।
- इसे खाने के लगभग आधे घंटे बाद लेना बेहतर होता है।
- लगातार 15 दिन से 1 महीने तक सेवन करने पर अच्छे परिणाम मिलते हैं।
सावधानियां
- यह दवा केवल डॉक्टर या आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह से ही शुरू करें।
- गर्भवती महिलाएं या स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसे बिना सलाह के न लें।
- अगर आप पहले से कोई एलोपैथिक दवा ले रहे हैं, तो इसको लेने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें।
- हड्डी टूटने जैसी गंभीर समस्या में केवल पीड़ांतक वटी का सहारा न लें, डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
साइड इफेक्ट्स
- इस दवा के कोई बड़े साइड इफेक्ट्स सामने नहीं आते, क्योंकि यह पूरी तरह हर्बल इंग्रीडिएंट्स से बनी है।
- लेकिन गलत डोज़ या बिना सलाह के सेवन करने से समस्या हो सकती है।
कहां से खरीदें?
- यह दवा पतंजलि स्टोर और ऑनलाइन दोनों जगह उपलब्ध है।
- ऑनलाइन खरीदने पर डिस्क्रिप्शन लिंक या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से ऑर्डर कर सकते हैं।
- इसकी कीमत काफी अफोर्डेबल है और आसानी से हर किसी के लिए उपलब्ध है।
निष्कर्ष
दिव्या पीड़ांतक वटी एक असरदार आयुर्वेदिक दवा है, जो जॉइंट पेन, मसल पेन और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं में राहत देती है। नियमित सेवन करने से यह दवा शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है और दर्द को जड़ से खत्म करने में मदद करती है। लेकिन याद रखें – इसका इस्तेमाल केवल मेडिकल एक्सपर्ट की सलाह से ही करें।