अडानी नहीं बल्कि ये 3 Green Energy Share देंगें भविष्य में मल्टीबैगर रिटर्न, जबरदस्त है ऑर्डर बुक

दुनिया भर में ऊर्जा का भविष्य तेजी से बदल रहा है और यह बदलाव सीधा दिशा दे रहा है ग्रीन एनर्जी की ओर। जीवाश्म ईंधन की सीमित उपलब्धता, जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियाँ और ऊर्जा सुरक्षा की वैश्विक आवश्यकता ने रिन्यूएबल सेक्टर को दुनिया का सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ उद्योग बना दिया है। भारत भी इस वैश्विक परिवर्तन के केंद्र में है और 2030 तक गैर-जीवाश्म स्रोतों से 500 गीगावाट क्षमता हासिल करने के लक्ष्य के साथ लगातार रफ्तार बढ़ा रहा है। ऐसे माहौल में कई नई और मजबूत कंपनियाँ इस अवसर का फायदा उठाकर तेजी से उभर रही हैं। खासकर 3 green energy share—वारी एनर्जीज, प्रीमियर एनर्जीज और एक्मे सोलर—अगले वर्षों में बड़े स्तर पर निवेशकों के लिए मल्टीबैगर रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं।

आज स्थितियाँ इस कदर बदल चुकी हैं कि 2024 में ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता रिकॉर्ड 585 गीगावाट बढ़ी और कुल क्षमता 4,448 गीगावाट के स्तर को पार कर गई। सोलर और विंड एनर्जी ने इस नई क्षमता में 96% से अधिक योगदान दिया, जो इस सेक्टर की अगली लहर को दर्शाता है। पेरिस समझौते के अनुसार, 2030 तक इस क्षमता को तीन गुना यानी 11,174 गीगावाट तक ले जाना अनिवार्य है। इसका सीधा संकेत है कि आने वाले वर्षों में ग्रीन एनर्जी कंपनियों की ग्रोथ कई गुना तेज होगी। घरेलू स्तर पर भारत में रिन्यूएबल एनर्जी उद्योग 8.1% की वार्षिक वृद्धि दर से आगे बढ़ रहा है और यह 2024 के 23.9 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2033 तक 52.1 बिलियन डॉलर का उद्योग बनने जा रहा है। इसका लाभ उन कंपनियों को मिल रहा है जो पहले से मजबूत बिजनेस मॉडल के साथ इस तेजी का फायदा उठा रही हैं।

सरकार की ओर से सोलर पार्क, बैटरी स्टोरेज सिस्टम, PM-कुसुम योजना, PM Surya Ghar Yojana, रूफटॉप सोलर मिशन, और बड़े पैमाने पर ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट जैसी पहलों ने इस उद्योग को नई दिशा दी है। यही कारण है कि निवेशक अब केवल बड़े कॉर्पोरेट समूहों तक सीमित नहीं रह गए, बल्कि वे उन उभरती हुई कंपनियों में भी बड़ा अवसर देख रहे हैं जो वास्तविक क्षमता और मजबूत ऑर्डर बुक के साथ ग्रीन एनर्जी का भविष्य निर्धारित कर रही हैं।

Waaree Energies

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ऐसे समय में 3 green energy share में सबसे अधिक चर्चा में रहने वाली कंपनियों में पहला नाम है Waaree Energies का। यह कंपनी आज भारत की सबसे बड़ी सोलर PV मॉड्यूल निर्माता है जिसकी 14.1% मार्केट शेयर के साथ यह पूरे भारत को सबसे अधिक मॉड्यूल सप्लाई करने वालों में है। 30 सितंबर 2025 तक कंपनी के पास 5.4 गीगावाट की सेल मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और 18.7 गीगावाट की मॉड्यूल क्षमता है, जो इसे वैश्विक स्तर पर बड़े उत्पादकों की श्रेणी में शामिल करता है। गुजरात, यूपी और अमेरिका के टेक्सास में फैक्ट्रियों के साथ यह कंपनी 25 से अधिक देशों में उपस्थिति बना चुकी है और भारत में 700 जिलों तक फैला इसका नेटवर्क इसे अनोखा ब्रांड बनाता है। तेजी से बढ़ती सोलर डिमांड और पैन-इंडिया रीटेल प्रेजेंस Waaree को आने वाले वर्षों के लिए मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ की दिशा में ले जा रही है।

Premier Energies

दूसरी कंपनी Premier Energies है, जो भारत की शुरुआती सोलर सेल निर्माताओं में से एक रही है। आज US में भारत से होने वाले सोलर सेल एक्सपोर्ट में लगभग 100% हिस्सेदारी के साथ यह कंपनी एक तरह से अमेरिकी बाजार का प्रमुख सप्लायर बन चुकी है। 3.2 गीगावाट की सेल और 5.1 गीगावाट की मॉड्यूल क्षमता के साथ Premier Energies घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। अमेरिका में बढ़ते टैरिफ और स्थानीय कंपनियों के सप्लाई गैप को देखते हुए भारत से आयात बढ़ रहा है, जिसका सबसे बड़ा लाभ Premier Energies को मिलता है। यह कंपनी आने वाले वर्षों में मजबूत एक्सपोर्ट बेस और तकनीकी श्रेष्ठता के कारण बेहद तेज़ी से बढ़ने की क्षमता रखती है।

ACME Solar

तीसरी बड़ी कंपनी ACME Solar है, जो भारत की प्रमुख स्वतंत्र पावर प्रोड्यूसर कंपनियों में से एक है। इसका 7.4 गीगावाट का पोर्टफोलियो सोलर, विंड, स्टोरेज और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स का संतुलित मिश्रण है, जिसमें से 2.9 गीगावाट प्रोजेक्ट पहले से चालू हैं। 5.2 गीगावाट प्रोजेक्ट्स के लिए लंबे समय के PPA साइन हो चुके हैं और 2.2 गीगावाट के लिए LOA जारी किया जा चुका है। इसका मतलब आने वाले वर्षों में कंपनी के पास स्थिर और सुरक्षित कैश फ्लो की एक मजबूत पाइपलाइन है। ACME Solar के 85% से अधिक प्रोजेक्ट केंद्रीय एजेंसियों के साथ हैं, जो जोखिम घटाता है और कंपनी को दीर्घकालिक रेवेन्यू स्थिरता प्रदान करता है। साथ ही कंपनी के प्रोजेक्ट उच्च संसाधन क्षमता वाले राज्यों में स्थित हैं, जिससे ऊर्जा उत्पादन अधिक और लागत कम रहती है।

इन तीनों कंपनियों की खासियत यह है कि ये रिन्यूएबल एनर्जी के अलग-अलग वर्टिकल में विशेषज्ञता रखती हैं—किसी का फोकस अत्याधुनिक मॉड्यूल निर्माण पर है, किसी का सेल एक्सपोर्ट पर और किसी का बड़ा-स्तर का पावर प्रोडक्शन और स्टोरेज क्षमता पर। यही विविधता इन्हें 3 green energy share की मजबूत श्रेणी में रखती है, जो आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ती भारतीय और वैश्विक ऊर्जा मांग का बड़ा लाभ उठाने के लिए तैयार हैं।

अगर भारत अगले पाँच से सात वर्षों में 500 गीगावाट के लक्ष्य के करीब पहुँचता है, तो सोलर मॉड्यूल, सेल मैन्युफैक्चरिंग, पावर प्रोडक्शन और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स सबसे तेजी से बढ़ने वाले क्षेत्र होंगे, और इन्हीं क्षेत्रों में ये तीनों कंपनियाँ पहले से स्थापित खिलाड़ी हैं। यही कारण है कि विश्लेषक इन्हें भविष्य के मजबूत रिन्यूएबल लीडर्स मानते हैं और माना जा रहा है कि यह 3 green energy share आने वाले समय में निवेशकों को कई गुना रिटर्न दिलाने की क्षमता रखते हैं।

Yes Bank Share Price Target 2025, 2026, 2027, To 2030, 2040

NTPC Green Energy Share Price Target 2026, 2027, 2028, 2029, 2030 Full Analysis

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