RBI KYC Amendment 2025: बैंकिंग ग्राहकों के लिए क्या बदला?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 14 अगस्त 2025 को KYC यानी Know Your Customer नियमों में बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव 2016 में लागू मास्टर डायरेक्शन के बाद दूसरा बड़ा संशोधन है। नए निर्देश तुरंत लागू हो गए हैं और इनका असर सभी बैंकों, NBFC और पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर्स पर पड़ेगा।
क्या है नया बदलाव?
RBI ने अपने नोटिफिकेशन में कई अहम पॉइंट्स जोड़े हैं। अब KYC प्रक्रिया को और आसान, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। आइए जानते हैं मुख्य बदलाव:
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FAQs का नया सेक्शन
अब RBI की वेबसाइट पर KYC से जुड़े सवाल-जवाब का आधिकारिक लिंक उपलब्ध होगा, जिससे ग्राहकों को सीधे सही जानकारी मिल सके। -
दिव्यांगजनों के लिए विशेष ध्यान
किसी भी आवेदन को बिना कारण बताए रिजेक्ट नहीं किया जाएगा। अगर रिजेक्ट करना पड़े, तो अधिकारी को कारण लिखना अनिवार्य होगा। -
₹50,000 से ज्यादा के लेनदेन पर नियम
चाहे एक बार में या कई छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन मिलाकर ₹50,000 या उससे ज्यादा का लेनदेन हो, उस पर भी KYC की प्रक्रिया जरूरी होगी। -
अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रांसफर पर निगरानी
विदेशी मनी ट्रांसफर करते समय भी ये नए KYC नियम लागू होंगे। -
आधार फेस ऑथेंटिकेशन को मान्यता
अब आधार फेस ऑथेंटिकेशन भी KYC वेरिफिकेशन में मान्य होगा। -
लिवनेस चेक में सुधार
लिवनेस चेक करते समय विशेष जरूरत वाले लोगों को बाहर नहीं किया जाएगा। -
पुराने सर्कुलर का हवाला
RBI ने कुछ पुराने NBFC संबंधित सर्कुलर भी इस संशोधन में जोड़े हैं।
क्यों जरूरी था यह बदलाव?
पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल पेमेंट और ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ा है। साथ ही, मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे में KYC प्रक्रिया को अपडेट करना बेहद जरूरी हो गया था।
RBI का कहना है कि नए बदलाव से तीन फायदे होंगे:
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ग्राहकों को बैंकिंग में आसानी होगी।
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दिव्यांगजनों और विशेष जरूरत वाले लोगों को और मदद मिलेगी।
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बड़े ट्रांजैक्शन और अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रांसफर पर निगरानी बढ़ेगी।
ग्राहकों के लिए क्या मायने रखता है?
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अब अकाउंट खोलते समय बैंक आपका आवेदन बिना कारण बताए खारिज नहीं कर सकते।
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अगर आप ₹50,000 या उससे ज्यादा का लेनदेन करते हैं तो KYC डॉक्यूमेंट्स देना जरूरी होगा।
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आधार फेस ऑथेंटिकेशन से अब आपका KYC और आसान हो जाएगा।
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अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रांसफर में ज्यादा सुरक्षा मिलेगी।
बैंकों और NBFC के लिए असर
बैंकों और NBFC को अब हर ग्राहक का KYC और सख्ती से करना होगा। साथ ही उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि दिव्यांगजन या विशेष जरूरत वाले ग्राहकों को किसी वजह से बाहर न किया जाए।
भविष्य पर असर
KYC नियमों का यह नया अपडेट बैंकिंग सिस्टम को और डिजिटल व सुरक्षित बनाएगा। RBI के इस कदम से ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और धोखाधड़ी की संभावना कम होगी।
निष्कर्ष
RBI का यह KYC Amendment 2025 बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव है। इससे ग्राहकों को सुविधा मिलेगी, सुरक्षा बढ़ेगी और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन पर पारदर्शिता आएगी।