Shlabhasana Benefits in Hindi - शलभासना के फायदे जानिए

दोस्तों फिर से लेकर आए हैं Shalabhasana Benefits in Hindi एक ऐसा योगासन जिससे करने से आपके शरीर को स्वस्थ रखने में आपको बहुत ही शांति मिलती है।

Shlabhasana Benefits in Hindi - शलभासना के फायदे जानिए

Shlabhasana Benefits in Hindi

आइए जानते हैं - शलभासन के फायदे और इसे सही तरीके से कैसे किया जाता है


दोस्तों फिर से लेकर आए हैं Shalabhasana Benefits in Hindi एक ऐसा योगासन जिससे करने से आपके शरीर को स्वस्थ रखने में आपको बहुत ही शांति मिलती है।


तो चलिए जानते हैं आज के इस आसन के बारे में जिसका नाम है Shalabhasana


शलभासन एक ऐसा आसन जिससे आपके शरीर की हड्डियां मजबूत होते हैं और यह आपके शरीर की नसों को खोलने में आपकी बहुत ही सहायता करता है।


    जिससे आपके शरीर में रक्त का प्रवाह बहुत ही अच्छे तरीके से होने लगता है जो आपके शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद है अगर आपको अपने शरीर में चुस्ती और दुरुस्ती लानी है।


    तो यह आसन आपके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होने वाला है आपके शरीर में मांसपेशियों का विकास भी होने लगता है।


    जिससे कि आप हर क्रीडा या फिर कार्य को करने के लिए खुद को बहुत ही बेहतर समझते हैं इसलिए दोस्तों सुबह-सुबह अगर आप योगासन करना चाहते हैं।


    या फिर आप योगासन में बहुत दिलचस्पी रखते हैं क्योंकि इससे ना तो कोई साइड इफेक्ट होते हैं बस इसको करने के लिए आपको कुछ सावधानियों का ध्यान रखना पड़ता है।


    अगर आप इन सब बातों को ध्यान में रखकर इस योगासन को करते हैं तो यकीन मानिए दोस्तों यह आपके शरीर के लिए इतना अच्छा साबित होता है।


    कि आप अपने शरीर को रोगमुक्त रख सकते हैं आपके चेहरे पर अलग ही निखार रहता है जिससे कि आपका चेहरा बहुत ही खुश मिजाज रहता है आपके फेस का ग्लो भी बढ़ता है।


    तो चलिए दोस्तों जानते हैं आज के योगासन के बारे में जिसका नाम है शलभासन (Shalabhasana) 2 शब्दों से मिलकर बना है पहला शब्द शलभ जिसका मतलब होता है कीट और आसन का मतलब होता है।


    मुद्रा इसलिए जब आप एक कीट की भांति अपने शरीर के बल लेट जाते हैं तो वह Shalabhasana कहलाता है।


    लेकिन इसमें आप सांसो को छोड़ने और दोबारा से सांस लेने की प्रक्रिया को जब दोहराते हैं तो यह आसन आप इस शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है।


    आपके शरीर में रक्त के प्रवाह के लिए यह बहुत ही बेहतर है आगे हम जानेंगे कि Shalabhasana करने से हमारे शरीर में कौन कौन से फायदे होते हैं।


    इसको करने से पहले आपको कौन-कौन सी सावधानियों के बारे में जाना बहुत ही जरूरी है इसको सही से करने के तरीके के बारे में हम जान लेते हैं।


    क्योंकि इसे सही से करना बहुत ही आवश्यक है यह ज्यादा मुश्किल काम तो नहीं है।


    लेकिन फिर भी हर कार्य में सावधानी बरतनी चाहिए ताकि आप इसका अच्छे से फायदा पा सकें।

    शलभासन कैसे करें

    • सबसे पहले Shalabhasana करने के लिए एक समतल जगह पर खड़े हो जाएं।
    • फिर कोई चटाई या फिर योगा मैट को उस समतल जगह पर फैलाएं।
    • फिर पेट के बल लेट जाएं और अपने हाथों को शरीर के समांतर साथ में रखें।
    • हल्की गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों पैरों को ऊपर की तरफ उठाने का प्रयास करें।
    • उसके बाद अपने सिर को ऊपर की ओर उठाने का प्रयास करें।
    • थोड़ी देर इस इस अवस्था में रहे (5 से 8 Seconds)
    • हल्की-हल्की सांस लें और छोड़े
    • इसे आप पांच से 6 बार रोजाना सुबह करें।

    दोस्तों अपने शलभासन करने के सभी तरीकों के बारे में जान लिया है मुझे उम्मीद है कि आप शलभासन करने के सही तरीके के बारे में अच्छे से पता चल गया होगा।


    उसका एक को करने का क्या फायदा दोस्तों जब उसके फायदे के बारे में आपको पता ही न चले इसलिए चलिए शलभासन (Shalabhasana) करने से हमारे शरीर में किन रोगों से हमें मुक्ति मिलती है।


    इसके बारे में हम जान लेते हैं और रोग से मुक्ति मिलने के साथ-साथ हमारे शरीर में क्या ऐसे बदलाव हमें महसूस होते हैं जो कि हमारे सेहतमंद शरीर के लिए बहुत ही जरूरी है।


    आप ऊपर दी गई तस्वीर की सहायता से इस योग की सही मुद्रा के बारे में जान सकते हैं।

    शलभासन के फायदे (Shalabhasana Benefits in Hindi)

    • आपके शरीर में जांघ और पैरों को मजबूत बनाता है।
    • पेट की चर्बी को कम करता है।
    • आपके शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
    • आपके कंधों और चेस्ट को चौड़ा बनाता है।
    • बढ़ते हुए वजन से छुटकारा दिलाने में सहायक है।
    • रीड की हड्डी को मजबूत बनाता है शलभासन योग।
    • आपके शरीर को आकर्षक बनाता है।
    • आप अपने शरीर में चुस्ती और फुर्ती महसूस करते हैं।

    तो दोस्तों मुझे यकीन है कि आपको शलभासन योग (Shalabhasana) के फायदों के बारे में जानकर बहुत ही अच्छा लगा होगा इसको करने से आप उपरोक्त सभी फायदे अपने शरीर के अंदर देख सकते हैं।


    1 हफ्ते के उपरांत ही आपको अपने शरीर में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे और आपकी बॉडी का अच्छा Poisar देखने को मिलेगा।

    शलभासन के लिए सावधानियां

    शलभासन योग करने के उपरांत आपको कुछ सावधानियों का भी ध्यान रखना पड़ता है जैसे कि गर्भवती महिलाओं को यह योग आसन नहीं करना चाहिए।


    अगर आपके रीड की हड्डी में कुछ प्रॉब्लम है या फिर उस पर चोट वगैरह लगी हुई है तो आपको यह योगासन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।


    पेट आदि की समस्याओं के चलते आपको यह शलभासन योगा नहीं करना चाहिए।

    Conclusion

    पेट आदि की समस्या या फिर अगर आप किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं तो आपको यह योगासन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।


    आज आपने शलभासन करने के तरीके उसके फायदे और उसे सावधानी पूर्वक कैसे करना चाहिए उसके बारे में जाना है।


    नीचे कमेंट करके जरूर बताइएगा कि आपको हमारे आज का शलभासन योग का पोस्ट कैसा लगा।

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