Bhadrasana Benefits in Hindi - भद्रासन के फायदे जानिए

आज हम आपको Bhadrasana Benefits in Hindi के बारे में बताने वाले हैं जिसको करने से आप अपने मन को एकाग्र चित्त और अपनी इच्छाशक्ति को बढ़ा सकते हैं‌।

Bhadrasana Benefits in Hindi - भद्रासन के फायदे जानिए

Bhadrasana Benefits in Hindi

आज हम आपको Bhadrasana Benefits in Hindi के बारे में बताने वाले हैं जिसको करने से आप अपने मन को एकाग्र चित्त और अपनी इच्छाशक्ति को बढ़ा सकते हैं‌।


भद्रासन मन को शांत करता है और आपके अंदर पॉजिटिव शक्ति को उजागर करता है आज हम भद्रासन योग के फायदे के बारे में जानेंगे और भद्रासन योग अर्थ के बारे में भी समझेंगे।


भद्रासन योग वजन घटाने से लेकर पेट के कई रोगों से संबंधित समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सहायक है।


भद्रासन योग को करने से पहले आपको दंडासन योग करना पड़ेगा जिस की स्थिति को धारण करते हुए आपको धीरे से सांस लेते हुए भद्रासन की स्थिति में आना है।


    आइए दोस्तों अब हम भद्रासन योग के अर्थ के बारे में समझ लेते हैं किसी भी आसन और योग मुद्रा के अर्थ को जाना बहुत ही जरूरी होता है क्योंकि योग और आसन आपके स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं।


    और इस आसन को करने का सही तरीका और इसके फायदे के बारे में अगर आप जान लेंगे तो आप अपने मित्रों को भी इसे करने की सलाह दे सकते हैं।

    Bhadrasana Meaning in Hindi

    भद्रासन योग को अंग्रेजी में Auspicious Pose के नाम से भी जाना जाता है भद्रासन शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है।


    किसी राज सिंहासन के ऊपर बैठे हुए व्यक्ति के समान स्थिति को धारण करने की मुद्रा को भद्रासन कहा जाता है और इसमें आसन का मतलब है मुद्रा।


    अब हम भद्रासन योगा करने का सही तरीका जान लेते है।

    Bhadrasana करने का तरीका

    • सबसे पहले Bhadrasana करने के लिए एक साफ-सुथरी जगह का चुनाव करें।
    • Bhadrasana करने के लिए चटाई या फिर योगा मैट को फैलाएं।
    • अब अपनी टांगों को फैला कर बैठ जाएं और अपने दोनों हाथों को कमर के साथ सटाकर रखें।
    • ध्यान रखें अपने शरीर का भजन हाथों पर ना रखें और अपनी कमर को सीधा रखें।
    • अब आप दंडासन की स्थिति में आ गए हैं।
    • अब अपने दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं।
    • अपने दोनों हाथ से पकड़ कर दोनों पैरों के तलवों को अपने जांघों के बीच तक लाएं।
    • अब इस स्थिति में सांसों का आदान प्रदान करें।

    इस दौरान अपनी गर्दन और कमर को सीधा रखें जब तक हो सके इस मुद्रा में रहे

    इसके उपरांत आप फिर से दंडासन की स्थिति में आ जाएं।


    Bhadrasana को आप रोजाना सात से आठ बार कर सकते हैं और अगर आप अपनी इच्छा अनुसार इस आसन को और अधिक करना चाहते हैं तो कर सकते है।


    इससे हमारा मन शांत होता है और पारिवारिक समस्याओं और दिनचर्या के काम से हुई थकान के बाद हमारे मन को बहुत ही शांति मिलती है और हमारी थकावट भी दूर होती है।


    अगर आप Bhadrasana योग से होने वाले फायदों के बारे में जान लेंगे तब आप अपने मित्रों और घर के सदस्यों को Bhadrasana करने की सलाह दे सकते हैं।


    अगर उन्हें पेट से संबंधित कब्ज अपच एसिडिटी बदहजमी जैसी समस्या है तब आप उन्हें Bhadrasana करने की सलाह दे सकते हैं। भद्रासन योग की स्थिति के बारे में अच्छे से जानने के लिए आप इस वीडियो को भी देख सकते हैं।

    Bhadrasana के फायदे (Bhadrasana Benefits in Hindi)

    भद्रासन योग करने के कई सारे लाभ हैं आइए दोस्तों अब हम इस आसन के फायदों के बारे में जान लेते हैं जो की बहुत ही जरूरी है।

    • Bhadrasana करने से पेट आदि की समस्या दूर होती है।
    • इस आसन को करने से मन शांत रहता है और दृढ़ शक्ति बढ़ती है।
    • भद्रासन करने से पॉजिटिव शक्ति उजागर होती है।
    • पेट में दर्द की समस्या से छुटकारा मिलता है।
    • किसी भी चीज को याद रखने की क्षमता बढ़ जाती है।
    • मासिक धर्म के पश्चात दर्द कम होता है।
    • कूल्हों की मांसपेशियों को मजबूत और चर्बी को घटाता है।
    • इससे पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है।

    Bhadrasana के लिए सावधानियां

    • गर्भवती महिलाओं को Bhadrasana नहीं करना चाहिए।
    • जिन लोगों को चक्कर आते हैं और हर्निया गठिया, sciatica जैसे रोगों से पीड़ित है उन लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए।
    • हृदय रोग और उच्च रक्तचाप वाले रोग से पीड़ित हैं तो यह आसन नहीं करना चाहिए।
    • पेट में यदि चोट लगी हो तो उष्ट्रासन नहीं करना चाहिए।
    • गर्दन में मोच या चोट लगी हो तो यह आसन नहीं करना चाहिए।
    • अगर पेट की सर्जरी हुई हो इस आसन को नहीं करना चाहिए।
    • कमर दर्द हो तो Bhadrasana योग नहीं करना चाहिए।
    • पेट दर्द होने पर Bhadrasana नहीं करना चाहिए।
    • अगर घुटनों में दर्द है तब Bhadrasana नहीं करना चाहिए।
    • पैरों में चोट लगी हो तो यह आसन नहीं करना चाहिए।
    • Bhadrasana योग करते समय अगर ठीक महसूस ना हो तब Bhadrasana नहीं करना चाहिए।

    Conclusion

    आज का यह पोस्ट Bhadrasana Benefits in Hindi से संबंधित था यदि आपको हमारे यह पोस्ट अच्छा लगा हो या फिर आप स्वास्थ्य से संबंधित हिंदी में जानकारी पाना चाहते हैं तो आप हमारी वेबसाइट पर कमेंट करके बता सकते हैं।

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