Padahastasana Benefits in Hindi - पादहस्तासन के फायदे समझिए

आज का विषय बहुत ही बढ़िया रहने वाला है क्योंकि आज Padahastasana Benefits in Hindi आपको बताने जा रहे हैं।

Padahastasana Benefits in Hindi - पादहस्तासन के फायदे समझिए

Padahastasana Benefits in Hindi

आज का विषय बहुत ही बढ़िया रहने वाला है क्योंकि आज Padahastasana Benefits in Hindi आपको बताने जा रहे हैं।


इसे हर आयु वर्ग का व्यक्ति आसानी से कर सकता है क्योंकि इस आसन को करना बहुत ही आसान है और इसको करने से आप अपने शरीर में रीड और मेरुदंड को मजबूत कर सकते हैं।


जिससे कि आपके शरीर में लचीलापन बहुत ही अच्छी तरह से बना रहता है किसी भी काम को करने के लिए आप खुद को बहुत बेहतर महसूस करते हैं।


    दोस्तों आज हम Padahastasana योग (Padahastasana Meaning In Hindi) के बारे में जानेंगे जहां पर आज के विषय में हम Padahastasana योग्य के अर्थ और इस आसन के फायदों के बारे में जानेंगे।


    अंत में हम इस आसन को करने से पहले बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानेंगे क्योंकि आधी अधूरी जानकारी रखना आपकी सेहत के लिए अच्छी बात नहीं है।


    इसलिए मैं आपसे उम्मीद करता हूं कि आप इस विषय को पूरा पढ़ें ताकि आप इस आसन के फायदों से वंचित ना रह जाएं।


    तो चलिए दोस्तों अब हम पादहस्तासन योग Padahastasana meaning In Hindi के अर्थ के बारे में जान लेते हैं

    पादहस्तासन क्या है (what is Padahastasana)

    जैसे कि आप सब जानते हैं इस आसन के अर्थ के बारे में समझने के लिए आप इसके शब्दों के मेल को अच्छे से समझ सकते हैं जिसमें Padahastasana In Hindi के पहले शब्द पाद का मतलब होता है पैर और दूसरे शब्द हस्त का मतलब होता है हाथ


    जब हम अपने हाथों को अपने पैरों के नजदीक लाते हैं और उन्हें मिलाते हैं इस क्रिया को पादहस्तासन की कहा जाता है

    पादहस्तासन योग (Padahastasana Yoga Meaning In Hindi)  करना काफी आसान है और इसे करने के लिए आपको किसी मित्र या सदस्य की सहायता भी नहीं लेनी पड़ती किसी खुली जगह का चुनाव करके आप इसे आसानी से घर पर ही कर सकते हैं।


    अब आप Padahastasana Meaning In Hindi के अर्थ के बारे में अच्छे से जान चुके हैं अब आप अपने मित्रों और सगे संबंधियों को इस आसन के बारे में अच्छे से समझा सकते हैं


    तो चलिए अब हम आपको बताते हैं कि पादहस्तासन योग (Padahastasana In Hindi) को कैसे किया जाता है।

    पादहस्तासन कैसे करें

    • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले किसी समतल जगह का चुनाव करें जहां पर ताजी हवा आती हो।
    • इस आसन को करने के लिए चटाई या फिर योगा मैट को फैलाएं।
    • अब अपने दोनों पैरों के बीच 2 इंच का गैप छोड़कर खड़े हो जाएं।
    • अपने दोनों हाथों को एक समान कंधों के सामने लाएं।
    • अपने दिल की हड्डी और सर को सीधा रखें।
    • उसके पश्चात गहरी सांस लें और अपने दोनों हाथों के साथ अपने सर और कंधों को अपने पैरों तक ले।
    • अपने दोनों हाथ के हथेली को पैरों तक ले जाएं और जमीन के साथ टच करने का प्रयास करें।
    • ध्यान रखें हाथों को नीचे ले जाते समय आपके दोनों घुटनों को सीधा रखें।
    • कुछ देर तक इस स्थिति में रहे और सांसो का आदान प्रदान करें।


    अब आप Padahastasana योग की स्थिति में आ चुके हैं अगर पीठ में किसी प्रकार की अकड़न हो तो इस आसन को करने में जोर जबरदस्ती बिल्कुल ना करें। इसे करने के सही तरीकों के बारे में जानने के लिए नीचे दिए गए वीडियो देख सकते हैं।


    दोस्तों अब आप पादहस्तासन (Padahastasana In Hindi) को करने के सही तरीके के बारे में जान चुके हैं आइए अब इस आसन को करने से होने वाले फायदों के बारे में जान लेते हैं जोकि बहुत ही जरूरी है।

    पादहस्तासन योग के फायदे (Padahastasana Benefits in Hindi)

    शरीर लचीला बनता है

    दोस्तों इस आसन को करने से हमारे शरीर के मेरुदंड को सीधा करने में हमें सहायता मिलती है और इस आसन को करने से हमारे शरीर में लचीलापन बनता है।


    किसी भी काम को करने के लिए हमारे शरीर का लचीला होना काफी आवश्यक है भागदौड़ या फिर खेलकूद की क्रियाओं में शरीर का लचीला होना काफी आवश्यक है क्योंकि इससे हम किसी भी काम को बड़े ही आसानी से कर सकते हैं।


    तो दोस्तों रोजाना इस योग को करने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इससे हमारे शरीर के अंगों में लचीलापन बढ़ता है और कई लोगों में देखा गया है कि उनकी शारीरिक ढांचे की बनावट भी ठीक नहीं होती है।


    या फिर वह सीधा खड़ा नहीं रह पाते तो हम आपको बता दें कि इस आसन को करने से कूबड़ और टेढ़ापन की समस्या को भी दूर किया जा सकता है और अपने शारीरिक ढांचे को सीधा करने में हमें सहायता मिलती है।

    पेट की समस्याओं से छुटकारा

    इस आसन को करने से हमारे शरीर के अमाशय पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ता है और पेट की आंतों के ऊपर भी काफी अच्छा प्रभाव पड़ता है जिससे कि पेट में होने वाली समस्याओं जैसे कि पेट में जलन, कब्ज, अपच, पेट का फूलना, बदहजमी, पेट में दर्द जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।


    यह आसन सरल होने के साथ-साथ बहुत ही प्रभावशाली है इसे करने के समय सांसो का आदान-प्रदान बहुत ही जरूरी है।


    आप इस आसन को करने के फायदों के बारे में जान चुके हैं लेकिन हम आपको बता दें।


    कि इसकी सावधानियों को अच्छे से पढ़ ले वैसे तो यह आसन करना बहुत ही आसान है लेकिन हर आयु वर्ग के व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए इन सावधानियों को ध्यान में रखना बहुत ही आवश्यक है।


    क्योंकि हमारे जीवन में कई सारे उतार चढ़ाव आते रहते हैं और शारीरिक बदलाव होता है जिस को ध्यान में रखते हुए इस आसन को करने से पहले इन सावधानियों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी है वरना इसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं।

    Padahastasana के लिए सावधानियां

    • पेट में दर्द होने पर इस आसन को नहीं करना चाहिए।
    • गर्भवती महिलाओं को इस आसन को नहीं करना चाहिए।
    • पीठ में अकड़न हो तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।
    • महिलाओं के मासिक धर्म की समस्या होने पर इस आसन को नहीं करना चाहिए।
    • पादहस्तासन (Padahastasana Yoga) करते समय जल्दबाजी या जोर जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए।
    • पेट में किसी भी प्रकार की सर्जरी या शरीर के किसी अंग का ऑपरेशन हुआ हो तो इस आसन को नहीं करना चाहिए।
    • अगर आपका शरीर किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित है तो यह आसन नहीं करना चाहिए इसे करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
    • कमर में दर्द या फिर मोच आने पर इस आसन को नहीं करना चाहिए।

    Conclusion

    Padahastasana Benefits in Hindi के बारे में आप भली भांति जान चुके हैं Newsmeto वेबसाइट के ऊपर आप योग और स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी लेने के लिए दोबारा विजिट कर सकते हैं।


    इस विषय को पढ़ने के लिए धन्यवाद

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